अशोक बाहिरवानी अपडेट 26 नवम्बर 2011
मुझे यकीन है कि हम में से अधिकांश लोगों को पता है कि हमारे माननीय अध्यक्ष श्री Melwyn Crasto जी नवनीत खोसला द्वारा दायर FIR क्रमांक C.R # 153/2011. के तहत 24 नवंबर, 2011 को EOW द्वारा गिरफ्तार किये गए थे । EOW का अब (सन्दर्भ आज के टाइम्स ऑफ इंडिया) दावा है कि श्री Crasto एक पनेलिस्ट सह प्रधान समर्थक (प्रोमोटर) है । आश्चर्य की बात है , कैसे EOW इस मामले में गिरफ्तार सभी लोगों को प्रोमोटर का पर्चा चिपका देती है और अगर सब लोग वास्तव में प्रमोटर हैं तो फिर अपराध कहाँ है ?
आज के टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट,जो कि टाइम्स न्यूज नेटवर्क द्वारा रिपोर्ट है,फिर गलत खभरों से भरी है और मैं आप से सामने नीचे पेश करता हूँ :-
यह कहना गलत है कि श्री Crasto SAOL के एक प्रमोटर है, अतिरिक्त आयुक्त का बयान नहीं हो सकता, जैसे की रिपोर्ट में दर्शाया गया कि श्री Crasto अपने खाते में $ ३००० की आवक नहीं समझा पाए । मुझे आशा है कि अतिरिक्त आयुक्त टाइम्स ऑफ इंडिया के साथ मामला उठा लेंगे और खुलासा करेंगे। यह गलत रिपोर्टिंग का एक और उदाहरण है।
श्री Crasto के इस गिरफ्तारी से माननीय सुप्रीम कोर्ट के आदेश अनुसार सौहार्दपूर्ण (मित्रतापूर्ण) निपटान की प्रक्रिया को कुचलने का EOW द्वारा एक प्रयास है। EOW नहीं चाहता है की माननीय न्यायमूर्ति श्री आर सी लाहोटी जी के सामने पनेलिस्ट्स का उपयुक्त और सही प्रतिनिधित्व हो, और इसी कारणवश उन्होंने हमारे अध्यक्ष को उठाया है, और मुझे भी गिरफ्तार करना चाहते थे ताकि एसोसिएशन से कोई माननीय मध्यस्थ के सामने मौजूद न हो।
Speakasians, मैं आपसे वादा करता हूँ और आपको विश्वास दिलाता है कि हम पीठ पीछे बंधे हाथों से बैठे नहीं हैं। हम माननीय मुंबई हाई कोर्ट में सोमवार को रिट दाखिल करने की प्रक्रिया में हैं। और हम विनती करेंगे, कि EOW मुंबई के आचरण की CBI जैसी, एक स्वतंत्र एजेंसी द्वारा जांच की जाए।
यहाँ ध्यान देना महत्वपूर्ण है, कि EOW चेन्नई और EOW दिल्ली, दोनों ने SAOL मामले की गहरी जांच के बाद SAOL मॉडल को मंजूरी दे दी है और मामले को बंद कर दिया है , उनकी यह हरकत SAOL को साफ़ सुथरा चिटठा देने के बराबर है। मेरी जानकारी के अनुसार EOW चेन्नई ने भी स्थिति रिपोर्ट उनकी राय के साथ EOW मुंबई को भेजा कि कैसे इस मामले में कुछ भी नहीं है और क्यों कोई फौजदारी का मुकद्दमा संभव नहीं है ..
EOW मुंबई ने अब , पैनलइस्ट्स को गिरफ्तार करना शुरू कर दिया,जिनकी सबसे पहले रक्षा होनी चाहिए थी आज भी EOW ने दो पैनलइस्ट्स श्री मछिन्द्र वाईकर और श्री Samuel,को उठा लिया। देखना होगा , इन दो पैनलइस्ट्स का क्या हाल होता है। मुझे आशा है कि वे उन्हें मुख्य प्रमोटर और अपराध के मुख्य अपराधकर्ता के रूप में घोषित नहीं करेंगे।
मैं तहे दिल से आशा करता हूँ कि जब हमारे कानूनी सलाहगार , मध्यस्थ के ध्यान में EOW की इस उच्च मनमानी लायेंगे तब विद्वान माननीय न्यायमूर्ति श्री आर सी लाहोटी जी इस गंभीर दुराचार की पूरी जानकारी लेंगे , और तुरंत ही इसे माननीय सुप्रीम कोर्ट का ध्यान आकर्षित करने के लिए रिपोर्ट करेंगे ।
हम हमारे कानूनी सलाहगारों के साथ विचार विमर्श कर रहे हैं, और सभी पैनलइस्ट्स के लिए एक सुरक्षा कवच होने की संभावना की जांच कर रहे हैं। कैसे बात की प्रगति होती है मैं आपको रिपोर्ट करूंगा।
दोस्तों, साथी Speakasians याद रखें , शांत होने से पहले, तूफ़ान भीषण उग्र होता है। यह हमारे खिलाफ अंतिम हमला है पूरा मामला हमारे पक्ष में निर्धारित होने से पहले।
धैर्य रखें,विश्वास रखें ,अपनी कंपनी पर भरोसा रखें।
जय Speakasia
Speakasian होने पर गर्व है
अशोक बहिरवानी
सचिव AISPA
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